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लघु उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाना परम वैभव के लिए आवश्यक – जितेन्द्र गुप्ता

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लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जितेन्द्र गुप्ता ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए बताया कि लघु उद्योग भारती 16, 17 एवं 18 अगस्त 2019 को नागपुर में अपनी स्थापना का रजत जयंती समारोह आयोजित करने जा रही है। तीन दिवसीय समारोह में लघु उद्योगों से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा एवं इनके लिए समग्र नीति पर विचार किया जाएगा। इस 3 दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. मोहन भागवत द्वारा 16 अगस्त को होगा।

जितेन्द्र गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में युवा सैलरी पैकेज की ओर अधिकतर जा रहे हैं, उद्यमिता की ओर नहीं जा रहे। इससे देश में उत्पादन और रोजगार कमी हो रही है। भारतीय संस्कृति में व्यक्ति को स्वावलम्बी बनाने पर जोर दिया है लघु उद्योग इसी संस्कृति का भाग हैं। ढाई-तीन सौ साल पहले हम विश्व की जीडीपी में 33-34 प्रतिशत थे, 1947 में 2 प्रतिशत रह गए, आज भी विश्व के परिप्रेक्ष्य में हम ढाई-तीन प्रतिशत ही हैं जबकि चीन उत्पादन में 22 प्रतिशत हो गया है। हम इसमें आगे कैसे बढ़ें, इसमें आने वाली चुनौतियों से हम कैसे निपटे, समाज के हर वर्ग को इसमें लाभ मिले इस दृष्टि से लघु उद्योग भारती के इस तीन दिवसीय सम्मेलन में चर्चा होगी। उद्योगों के अनुकूल जो वातावरण होना चाहिए वह अभी नहीं बन पाया है, चाहे इन्फ्रस्ट्रक्चर को लेकर स्थानीय सरकारों की कर प्रणाली, फैक्ट्री लाइसेंस, विभिन्न प्रकार के एक्सपोर्ट टैक्स हों जैसी स्थानीय बाधाएं हैं, विभिन्न राज्यों की बीच उद्योगों के लिए कानूनों में भी अंतर है। केन्द्र में जीएसटी, एनजीटी की भी उद्योगों को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका है। कुल मिलाकर देश में उत्पादन बढ़ाने के लिए लघु उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बने इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों विशेषज्ञों से इस सम्मेलन में वार्ता होगी।

लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय सचिव श्री सम्पत टोसनीवाल ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री नितिन गडकरी, वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन, रेल मंत्री श्री पीयुष गोयल, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री संतोष गंगवार विभिन्न सत्रों में उपस्थित होकर अपने विचार रखेंगे। युवाओं को उद्योगों की ओर प्रेरित करने के लिए आर्ट ऑफ़ लिविंग के श्री श्री रविशंकर जी का भी एक विशेष सत्र रहेगा। इस अधिवेशन में प्रथम पीढ़ी के सफल उद्यमियों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। अधिवेशन में इस क्षेत्र में कार्य करने वाले अन्य उद्यमी संगठनों का भी समागम रखा गया है जिसमें देशभर से जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर के लगभग 125 संगठनों ने उपस्थिति की स्वीकृति दी है। प्रेस वार्ता में लघु उद्योग भारती की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेन्द्र नागपाल, लघु उद्योग भारती दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष श्री नीरज सहगल भी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि लघु उद्योग भारती का गठन 25 अप्रैल 1994 को नागपुर में हुआ था। 25 साल बाद आज लघु उद्योग भारती ने अखिल भारतीय स्तर पर 450 जिला स्थानों पर अपना नेटवर्क स्थापित एक विशाल राष्ट्रीय संगठन के रूप में संस्था को स्थापति कर लिया है। आज लघु उद्योग भारती राष्ट्रीय स्तर पर श्रम, विद्युत, वित्त, पर्यावरण एवं कर नीति बनाने में कार्यरत है। महिला उद्यमियों को स्वावलम्बी बनाने के साथ-साथ युवाओं को स्वरोजगार, शहर की तरफ पलायन जैसे विषयों पर ग्रामीण स्तर तक लघु उद्योग भारती आज कार्य कर दही है। राष्ट्र को परम वैभव की स्थिति में लाने के लिए देश के अर्थशास्त्र को केवल आर्थिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय नीति-शास्त्र के माध्यम से अर्थ के साथ-साथ अन्य सभी नीतियों को निर्धारण करने का प्रयास लघु उद्योग भारती का सदैव रहा है। 

Courtesy : Indraprastha Vishwa Samvad Kendra

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